Thursday, May 25, 2017

लौंग / लवंग - लौंग के फायदे और घरेलू उपचार

लौंग / लवंग / CLOVE / CARYOPHYLLUS AROMATICUS : परिचय 

लौंग भारतीय रसोई घर का एक अभिन्न मसाला जिसे कौन नहीं जनता ? भारत में सभी घरो में लौंग का इस्तेमाल मसाले के रूप में  या घरेलु उपचार के रूप में प्रयोग किया जाता है | परम्परागत चिकित्सा पद्धति एवं घरेलु नुस्खो में लौंग का इस्तेमाल पुरातन समय से होता आरहा है | लौंग का उत्पादन उष्णकटिबंधीय  इलाको में  बहुतायत से होता है , वस्तुत: यह मलैका का देशज पौधा है जो अब उष्णकटिबंधीय इलाको में भी उगाया जाता है | यह जंजीबार, जंगबार, मालाबार, पेम्बा, सुमात्रा, ब्राजील, जमैका , वेस्ट इंडीज आदि में होता है | इसका 90 % उत्पादन जंजीबार में होता है | भारत में भी केरल राज्य में इसकी खेती की जाती है |


लौंग का पौधा 30 से 40 फीट लम्बा और सीधे तने का सदाबहार वृक्ष है | लौंग के पत्ते अडूसे के पत्तो की तरह ही होते है जो चमकीले, सुगन्धित, और हरितवर्णी होते है | इसकी शाखाओं के अग्रिम भाग पर नीले और लाल रंग के पुष्प गुच्छों में लगते है | जिनमे से तेज सुगंध आती है, शुरुआत में इन पुष्प कलियों का रंग पिला होता है जो धीरे - धीरे हरी होने लगती एवं पूरी खिलने पर ये लाल रंग की हो जाती है तब इनको तोडा जाता है | इन्ही कलियों को सुखाने के बाद लौंग कहा जाता है |

लौंग का रासायनिक संगठन 

लौंग में उड़नशील तेल, टेनिन, केरोफाईनील , गौंद और कुछ मात्रा में भुजिनल तत्व पाए जाते है |

लौंग के आयुर्वेदिक गुण-धर्म 

लौंग में अनेक आयुर्वेदिक गुण-धर्म होते है | लौंग का रस कटु और तिक्त होता है , यह स्निग्ध, तीक्षण और लघु गुणों से युक्त होता है , इसका वीर्य शीत एवं विपाक कटु होता है | लौंग आँखों के लिए अच्छी, शीतल, पाचक, रुचिकारक, बल्य , कफशामक, दर्द नाशक, उतेजना और एंटीसेप्टिक गुणों से युक्त होती है |


लौंग के घरेलु प्रयोग और फायदे 

1. दांत दर्द में लौंग का उपयोग 

आजकल सभी दंतमंजन में लौंग का प्रयोग प्राथमिकता से किया जा रहा है क्योंकि इसमें पाए जाने वाले तत्व दांतों के लिए लाभदायक होते है | जब कभी आप के दांतों में दर्द हो तो बस एक लौंग अपने मुंह में रख कर चबा ले दर्द में तुरंत राहत मिलेगी क्योंकि लौंग में एनाल्जेसिक और एंटी इन्फ्लेमेट्री गुण होते है जो दांतों के दर्द और मसूड़ों में होने वाली सुजन को कम करते है | दांतों के दर्द में आप लौंग का तेल भी इस्तेमाल कर सकते है , जिस भी दांत में दर्द है उसपर लौंग के तेल से फोया भिगोकर लगा ले तुरंत आराम मिलेगा |

2.  सिर दर्द में लौंग के फायदे 

सिरदर्द होने पर 5 - 7 लौंग को पिसकर माथे पर लेप करे जल्द ही आराम मिलेगा | सिरदर्द में आप लौंग का तेल भी इस्तेमाल कर सकते है , लौंग के तेल को माथे पर लगाये और तुरंत आराम पाए | नारियल तेल  या तिल तेल में कुछ बुँदे लौंग के तेल की मिलाले और इससे सिर पर हलके हाथो से मालिश करे , जल्द ही सिरदर्द से छुटकारा मिलेगा |

3. श्वास या कफज विकारों में लौंग के फायदे 

श्वास रोग में लौंग को भुन कर चूसने से अस्थमा में राहत मिलती है , इससे जल्द ही कफ छूटने लगता है और गला खुल जाता है | अस्थमा में आप लौंग का काढ़ा बना कर भी इस्तेमाल कर सकते है , काढ़ा बनाने के लिए 7-8 लौंग को दरदरा कूट ले और एक कप पानी में उबाल ले जब पानी आधा रह जावे तब इसमें ठंडा करने के पश्चात शहद डाल कर सेवन करे | यह उपाय अस्थमा में राहत प्रदान करता है एवं अन्य कफज विकारो में भी लाभ देता है |

4. जी मचलाने में लौंग का प्रयोग 

लौंग अति सुगन्धित द्रव्य है , इसलिए इसका इस्तेमाल उबकाई या उल्टी को रोकने में भी कर सकते है | अगर आप का जी मचलाता हो तो लौंग के तेल को सूंघने से आराम मिलेगा | उबकाई को रोकने के लिए 2-3 लौंग को चबाये इससे आपकी उबकाई रुक जावेगी | उल्टी को रोकने के लिए लौंग का चूर्ण बना ले और इसमें शहद मिला कर सेवन करे उल्टी होना बंद हो जावेगी |

5. त्वचा विकारों में लौंग के फायदे 

त्वचा पर फंगल इन्फेक्शन , मुंहासे, फोड़ा - फुंसी से निजात पाने के लिए लौंग के तेल को किसी अन्य तेल में मिलाकर इस्तेमाल करे , तिल तेल या नारियल तेल में कुछ बुँदे लौंग के तेल की मिलाकर इसे संक्रमित त्वचा पर लगावे , त्वचा के सभी फंगल इन्फेक्शन से राहत मिलेगी एवं जल्दी ही रोग का नाश होगा |

6. तनाव में करे लौंग का इस्तेमाल 

तनाव आज  हर किसी के जीवन में है | इसका सीधा सा उपाय है लौंग क्योंकि लौंग में कई तनावरोधी तत्व पाए जाते है जो आपको तनाव से मुक्त करते है | नित्य 2 लौंग खाने से व्यक्ति तनाव से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है | 

7. जोड़ो के दर्द और संधिवात में लौंग के फायदे 

लौंग अच्छी वातहर और दर्द निवारक औषधि है | जोड़ो के दर्द से राहत पाने के लिए एरंड  तेल में लौंग का तेल मिलाकर घुटनों पर या प्रभावित जोड़ो पर 10 से 15 मिनट मालिश करे , इसके दर्द निवारक गुण आपके जॉइंट्स पेन को कम करेंगे एवं मांसपेशियों की सुजन को भी कम करेंगे |

लौंग के अन्य फायदे 

अधिक प्यास लगने की समस्या में लौंग और मिश्री को सामान मात्रा में पिस कर खाने से बार - बार प्यास लगने की समस्या से निजात मिलती है |अम्लपित की समस्या में खाना खाने के बाद नित्य 1 से 2 लौंग खाने से अम्लपित की समस्या में आराम मिलता है |अपच होने पर खाना खाने के बाद 2-3 लौंग को पानी में उबाल कर गरम - गरम पानी को पीले | अपच की समस्या से निजात मिलेगा |नमक के साथ लौंग को चबाने से गले में स्थित कफ बाहर निकलता है एवं खांसी एवं गले के दर्द से राहत मिलती है |कान दर्द में लौंग के तेल के साथ तिल का तेल मिलकर कान में डालने से , कान दर्द में तुरंत आराम मिलता है |आँखों में गुहेरी निकलने पर लौंग को पिस कर आँख के पास लगाने से गुहेरी जल्दी ही बैठ जाती है |पेटदर्द में लौंग का प्रयोग काफी फायदा देता है | पेटदर्द में लौंग को पीसकर इसकी फंकी लेने से पेटदर्द में आराम मिलता है |खसरे में दो - तीन लौंग को पिसकर शहद के साथ सेवन करने से खसरे में लाभ मिलता है |सुखी खांसी में लौंग को आग में भुन कर, शहद के साथ लेने से खांसी चली जाती है |मुंह में दुर्गन्ध आती हो तो लौंग को नित्य चूसने से मुंह से दुर्गन्ध आने की समस्या नहीं रहेगी एवं यह दांतों और मसुडो के लिए भी फायदेमंद होगी |

1 comment:

  1. पेट के रोगों से छुटकारा दिलाने में लौंग के फायदे बहुत ही फायदेमंद होते हैं.

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