Friday, June 16, 2017

तरबूज खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए! कितनी सच्चाई है इसमें?


इन्फोपत्रिका, हेल्थ डेस्क।

हम आपको पिछले आर्टिकल में बता चुके हैं कि गर्मियों के लिए कुदरत का वरदान है तरबूत, तो इसे अपनी डाइट में शामिल किया जाना चाहिए।

तरबूज को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं हैं। कुछ लोग कहते हैं कि तरबूज खाने या इसका रस पीने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। इस बात में कितनी सच्चाई है, ये हम आपको आज बताने जा रहे हैं-

नहीं पीना चाहिये पानी के पीछे का लॉजिक


चूंकि तरबूज में 96 प्रतिशत मात्रा पानी की होती है तो कुछ लोग कहते हैं इसे खाने के बाद पानी की कोई ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि तरबूज खाने के बाद पानी पीने से शरीर में पानी की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाएगी। शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने से पाचन तंत्र पर असर होगा।

कुछ लोग मानते हैं कि इससे पेट का इन्फेक्शन हो सकता है। क्योंकि तरबूज में बहुत अधिक मात्रा में पानी और शुगर होती है तो ऊपर से और पानी पीने से पेट में इन्फेक्शन हो सकता है।

तरबूज के बाद पानी हानिकारक


आयुर्वेद में भी कुछ चीजों को अकेले खाए जाने और अकेले पचाने की सलाह दी गई है। जैसे कि तरबूज। कहा गया है कि तरबूज खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए। आहार विशेषज्ञों की राय है कि इससे हमारी जठरआंत (पेट और आंत से जुड़ा एक भाग) प्रभावित होती है और हमें गैस की समस्या हो सकती है।

ऐसा करके बैक्टीरिया को बढ़ने न दें

तरबूज में पहले से ही बहुत पानी के साथ-साथ शुगर और फाइबर जैसे तत्व होते हैं। लॉजिक ये भी है कि बैक्टीरिया को फैलने के लिए पानी और शुगर दोनों की अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है। ऐसे में तरबूज खाने के बाद यदि पानी पी लिया जाए तो बैक्टीरिया को पलने-बढ़ने का अच्छा मौका मिल जाता है। ये बैक्टीरिया पूरे पाचन-तंत्र में फैलकर बहुत सारी समस्याओं को जन्म देता है।

ठोस भोजन के साथ खाएं तरबूज


आपने सुना होगा कि ठोस भोजन के साथ पानी नहीं पीना चाहिए। बिलकुल यही बात भोजन के साथ तरबूज खाने पर भी लागू होती है। चूंकि तरबूज में 96 प्रतिशत पानी होता है तो भोजन के साथ इसे खाने पर पाचन-तंत्र अपना कार्य सही से नहीं कर पाता।

यह कहा जा सकता है कि पाचन तंत्र धीरे कार्य करता है और पेट में गैस बनती है। वैसे तो किसी भी फल के साथ पानी नहीं पीना चाहिए, मगर तरबूज के साथ विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

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