Sunday, June 25, 2017

सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के कुछ प्रभाव, जिनके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए


आप भी अक्सर घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करती होंगी, ताकि सूर्य की किरणों का आपकी त्वचा पर कोई प्रभाव ना पड़े। सूरज की टैनिंग (tanning) और सनबर्न से बचने के अलावा सनस्क्रीन आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बनाने के अलावा स्किन कैंसर (skin cancer) से रोकता है।

लेकिन अगर आप ऐसे सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें कई कैमिकल्स और साइड इफेक्ट्स (side effects) हो तो ऐसे में आपको अपनी त्वचा की रक्षा करनी चाहिए। ज्यादातर सनस्क्रीन में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो कि हमारी त्वचा के लिए काफी हानिकारक होते हैं। उनमें सल्फा ड्रग्स (sulfa drugs) आदि होते हैं। यह हर किसी के लिए जानना काफी जरूरी है कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के क्या नुकसान होते हैं।

धूप से बचने के उपाय, हमें हमेशा ऐसा लगता हुआ आया है कि हर सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करने से हमारी त्वचा को सकारात्मक प्रभाव मिलते हैं। भले ही सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से हमें कई फायदे होते हैं, लेकिन आज हम आपको इसके दुष्प्रभावों के बारे में बताने के साथ ही सनस्क्रीन के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य बताने जा रहे हैं। त्वचा की देखभाल कैसे करे, सनस्क्रीन के इन तथ्यों के बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

सनस्क्रीन लोशन के साइड इफेक्ट्स (Side effects of sunscreen lotion)


आँखों में जलन होना (Eye irritation)

अगर आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल गलती से आँखों के आसपास करते हैं तो ऐसे में आपकी आँखों में जलन के साथ ही दर्द भी हो सकती हैं। आपकी नाजुक आँखों में सनस्क्रीन के बुरे प्रभाव से काफी नुकसान हो सकता है। आप शायद हमारी इस बात पर विश्वास ना करें, लेकिन हम आपको बता दें कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से आप अंधे भी हो सकते हैं। अगर गलती से आपकी आँखों में सनस्क्रीन चली भी जाएँ तो आप एकदम से आँखों को पानी से धो लें या फिर डॉक्टर से संपर्क करें।

स्किन केयर टिप्स – एक्ने के लिए खतरनाक (Worsening of acne)

अगर आप मुंहासे की समस्या से पहले से ही परेशान हैं, तो ऐसे में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सनस्क्रीन में काफी कैमिकल्स होते हैं, जो कि मुंहासों को प्रभावित करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप ऐसे सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, जिसमें ऑयल बिल्कुल भी ना हो। आप किसी ब्यूटीशियन (beautician) से परामर्श कर भी उचित सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, जिससे आपकी त्वचा की टोन हल्की हो जाएँ।

बालों वाले हिस्से में समस्या (Problems in hairy areas)

पुरुष हो या महिला दोनों के शरीर में बाल होते हैं, जो किसी को आसानी से नहीं दिखते हैं। बाल ज्यादातर आंतरिक क्षेत्रों में ही होता है। अगर आप अंडर आर्मस (under arms) , हाथों, या छाती के बालों पर सनस्क्रीन क्रीम का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसे में आपकी त्वचा रूखी हो जाएगी, जिससे आपके बाल टाइट हो जाते हैं और आपको दर्द होना शुरू हो जाता है।

स्तन कैंसर का खतरा (Risk of breast cancer)

बाजार में मिलने वाले सनस्क्रीन क्रीम का एस्ट्रोजेनिक प्रभाव हमारे स्तन पर पड़ता है। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि सनस्क्रीन भी रक्त एस्ट्रोजन (estrogen) स्तरों पर नकारात्मक प्रभाव डाल देता है, जो कि स्तन कैंसर (cancer) का खास कारण हो सकता है। कई महिलाएँ लगातार सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर स्तन कैंसर से पीड़ित हो जाती हैं। त्वचा की परतों में अवशोषण करने की एक अद्भूत क्षमता होती है। सनस्क्रीन इस कारण स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ावा देता है।

एलर्जी (Allergy)

कुछ लोगों को सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से काफी परेशानियों का सामना करना होता है। आपको इसका इस्तेमाल करने से रेडनेस (redness) , एलर्जी आदि भी हो सकती है। इन रेसिश (rashes) के कारण आपकी त्वचा में कई तरह की समस्याएँ हो जाती हैं। सनस्क्रीन की खुशबू भी कई सारी एलर्जी का कारण होती है। आपके लिए बेहतर होगा कि आप किसी भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से पहले एक पैच टेस्ट (patch test) जरूर कर लें। आप ऐसे सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें जिंक आक्साइड हो, क्योंकि जिंक आक्साइड (zinc oxidate) होने वाले सनस्क्रीन में दूसरों के बदले एलर्जी (allergy) की संभावना कम होती है।

स्किन की देखभाल – झुर्रिंयों को पैदा करना (Formation of wrinkles)

आप अपनी त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन आपको इसी के साथ इस बात का ख्याल भी रखना होता है कि कही यह आपकी त्वचा में झुर्रिंयों को तो पैदा नहीं कर रही हैं, जिससे आपका चेहरा बूढ़ा लग सकता है और आप उम्र से पहले ही बूढ़ी दिखने लग सकती हैं।

विटामिन डी के इनटेक को रोकती हैं (Restricts intake of vitamin D)

हर किसी के शरीर में विटामिन डी का स्तर होना चाहिए। विटामिन डी से शरीर में हड्डिया मजबूत होता है और हमारा शरीर स्वस्थ होता है। हमारी त्वचा के लिए विटामिन डी की प्राप्ति के लिए सूरज काफी अच्छा स्रोत होता है। लेकिन अगर आप रोजाना सनस्क्रीन अपने शरीर में लगाती हैं तो यह आपकी त्वचा में यूवी किरणों को सीमित कर देगा, जिससे आपको विटामिन डी (vitamin D) का लाभ नहीं उठा सकेंगी।

फ्री रेडिकल्स से बचाव (Production of free radicals)

हम सभी इस बात को जानते हैं कि फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर के लिए काफी खतरनाक होती है। भले ही यह किसी और बीमारी के स्त्रोत हो। सनस्क्रीन बनाने में कुछ ऐसे कैमिकल्स (chemicals) का इस्तेमाल होता है, जो कि आपकी त्वचा पर काफी खतरनाक प्रभाव डालते हैं। यह आपके शरीर में फ्री रेडिकल्स के बढ़ने को बढ़ाती है। अगर आप रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, तो आप फ्री रेडिकल्स (free radicals) से प्रभावित हो सकती हैं।


सूर्य से कुछ खास रक्षा नहीं करती हैं (No perfect sun protection (dhoop se bachaw nahi)

कई सनस्क्रीन विनिर्माण कंपनियाँ यह कहती हैं कि यह आपको टैन लेयर (tan layer) से बचाती हैं। लेकिन यह पूरी तरह से अफवाह है। वह यह तक कहते हैं कि यह आपकी त्वचा के रंग को साफ करेगा, लेकिन असलियत में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। सनस्क्रीन (sunscreen) का इस्तेमाल करने के बाद अक्सर हम में से कई लोगों का रंग डार्क होने लग जाता है, जिस कारण सूर्य की किरणें सीधे त्वचा की परत के अंदर घुस जाती है। सनस्क्रीन खरीदना पूरी तरह से पैसे की बर्बादी होती है। आपको इस बात को ध्यान में रखनी चाहिए।

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