Thursday, June 8, 2017

इन 6 कारणों से भिंडी डाइबीटिक मरीज़ों के लिए सूपरफूड है, जानें कैसे!

भिंडी डाइबीटिज को कैसे करता है कंट्रोल, क्या आप जानना चाहते है?

भिंडी कहे या ओकरा, हर किचन में सप्ताह में दो या तीन दिन तो बन ही जाता है। लेकिन शायद ही किसी को यह पता होगा कि यह डाइबीटिक रोगी के लिए कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फल और सब्ज़ी दोनों में इतनी क्षमता होती है कि वह ब्लड-ग्लूकोज को कंट्रोल करने के साथ-साथ वज़न को भी कंट्रोल करता है। साथ ही पूर्ण रूप से स्वस्थ और तंदुरूस्त रहने में पूरी तरह से सहायता करता है। इनमें एक जाना-माना नाम है, वह है भिंडी।

भिंडी कैसे डाइबीटिज को कंट्रोल करता है-

नीचे दिए गए जानकारी से आपको पता चल जाएगा कि अगर आप नियमित रूप से भिंडी खाते हैं तो कैसे यह आपके ब्लड-शुगर को कंट्रोल करेगा-

फाइबर से भरपूर- फाइबर युक्त डायट डाइबीटिक रोगी के लिए बहुत अच्छा होता है। भिंडी में घुलनशील फाइबर रहता है जो ग्लूकोज़ को सोखकर ब्लड-शुगर लेवल को खाने के बाद कंट्रोल करता है।

एन्टी-डाइबीटिक गुण- कई अध्ययनों से यह पता चला है कि सब्ज़ियों में एक प्रकार का एन्जाइम होता है जो कार्बोहाइड्रेट को मेटाबॉलाइज करने, इन्सुलिन लेवल के उत्पादन को बढ़ाने, अग्न्याशय (pancreas) में बीटा सेल्स को बेहतर बनाने में जो इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में सहायता करता है।

वेट कंट्रोल- क्या आपको पता है कि वज़न को कंट्रोल रखने से भी डाइबीटिज के समस्याओं से बचा जा सकता है और इसको मैनेज किया जा सकता है। भिंडी में लो कैलोरी होने के कारण ये वेट को कंट्रोल करने में अहम् भूमिका निभाता है- 100 ग्राम भिंडी में मात्र 33 कैलोरी होता है।

लो ग्लाइसेमिक इन्डेक्स- जिन खाद्दों में लो ग्लाइसेमिक इन्डेक्स होता है शुगर के निकलने की गति को कम करता है।

विटामिन और मिनरल का स्रोत- भिंडी में विटामिन सी होता है जो इम्युनिटी को बढ़ाता है। जो लोग मधुमेह के कारण कई प्रकार के इन्फेक्शन और रोग से पीड़ित होते हैं, उनको रोकने में मदद करता है।

एन्टीऑक्सिडेंट का अच्छा स्रोत- न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से यह पता चला है कि दूसरे सब्ज़ियों की तुलना में ओकरा या भिंडी में एन्टीऑक्सिडेंट का गुण ज्यादा होने का फ्री रैडिकल्स से होने वाले क्षति को रोकता है और कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोककर शरीर के ज़रूरी ऑर्गन्स को बचाता है, जो ब्लड-शुगर के लेवल के असंतुलन के कारण होता है।

भिंडी को अपने डायट में कैसे करेंगे शामिल-

ओकरा वाटर- ओकरा वाटर यानि भिंडी का पानी आपको बेशक पता होगा लेकिन भिंडी के पानी Okra water के फयदों के बारे में आपको नहीं पता होगा | भिंडी के पानी से शुगर , किडनी की बीमारियाँ , दमा और कोलेस्ट्रॉल जैसे जानलेवा बीमारियों का इलाज़ संभव है | आगे हम आपको बताएगे भिंडी का पानी कैसे तयार किया जाए |

 सामग्री

  • 4 भिंडी – Okras
  • 1 कप साफ़ पानी – Water

विधि :-

पहले भिंडी का उपरी और निचला हिस्सा काट दीजिये और भिंडी को बीच में से काट दीजिये | और फिर भिंडी को एक कप पानी में डाल दीजिये और पूरी रात ऐसे ही छोड़ दीजिये | और दुसरे दिन इस मिश्रण का निचोड़ एक गिलास में निकाल लीजिये और उस निचोड़ में थोडा साफ़ पानी डाल लीजिये |

रोजाना सुबह खाली पेट (खाने से आधा घंटा पहले) इस मिश्रण के सेवन से आपको कुछ ही दिनों में हैरान करने वाले नतीजे प्राप्त होंगे |

उबली हुई भिंडी- भिंडी को उबालकर उस पर नमक और नींबू डालकर स्नैक की तरह खा सकते हैं।

सब्ज़ी के रूप में भिंडी- आलू भिंडी, भिंडी मसाला, मिक्सड वेज़टबल भिंडी आप किसी भी तरह से भिंडी खा सकते हैं। हाँ, तेल और मसाले का ध्यान रखें, ताकि सब्ज़ी की पौष्टिकता बनी रहे।

क्यों नहीं भिंडी को लेकर ही ज्यादा आशावादी बनना चाहिए:

कई प्रकार के अध्ययनों से संकेत मिलता है कि भिंडी ब्लड-शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दवा खाना बंद कर दें। डाइबीटिज को कुछ भी पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकता है बल्कि कुछ हद तक कंट्रोल कर सकता है, बस!

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