Saturday, June 17, 2017

रस्सी कूदने की करें शुरुआत, जानिए 20 अविश्वसनीय फायदे

रस्सी कूदने का खेल बचपन में हम सब खेलते ही हैं । बचपन का ये मजेदार खेल बड़े होने पर जिन्दगी से जैसे गायब हो जाता है । शरीर पर मोटापा चढ़ने लगा है या हर समय थकावट महसूस होती है तो आपको फिर से फिट होने के लिये बहुत ज्यादा कुछ करने की जरूरत नही है बस आप दोबारा से रस्सी कूदने का अभ्यास शुरू कर दीजिये । यह सच है कि रस्सी कूदने के व्यायाम से आपको सेहत की दोबारा प्राप्ति होती है साथ ही साथ आप अपने वजन पर भी नियन्त्रण रख सकते हैं !

रस्सी कूदने की कैसे करें शुरुआत :-

अगर आप रस्सी कूदने की शुरुआत कर रहे हैं तो सबसे पहले अपने शरीर की लम्बाई के अनुरूप रस्सी की लम्बाई को एड्जस्ट करें । रस्सी के दोनों सिरों पर लगे हैण्डल को मजबूती से पकड़ कर रस्सी के बीच से कूदें । इस तरह से आप जितनी बार आसानी से रस्सी कूद सकते हैं उतनी ही बार कूदें । रस्सी कूदते हुये जब मुँह से साँस लेना शुरू कर दें तब रस्सी कूदना बन्द कर देना चाहिये । ध्यान रखें कि शुरुआत में ज्यादा समय तक रस्सी ना कूदें अन्यथा हाथ पैरों में दर्द होना शुरू हो सकता है । रस्सी कूदने की सँख्या और समय को रोज धीरे धीरे ही बढ़ायें ।

रस्सी कूदने की क्यों करें शुरुआत :-

रस्सी कूदने का व्यायाम एक बहुत ही अच्छा कार्डियो व्यायाम है । रस्सी कूदना आसान होने के साथ साथ जेब पर भी महँगा नही पड़ता है । रस्सी कूदने से दौड़ने की तुलना में कम समय में आप ज्यादा कैलोरी खर्च कर सकते हैं । रस्सी कूदने के लिये आपको किसी बहुत बड़ी जगह की भी आवश्यक्ता नही होती है और कोई लम्बा समय आपको इसके लिये खर्च नही करना पड़ता है । रस्सी कूदना इतना अच्छा व्यायाम है कि आपके पूरे शरीर पर इसके अच्छे प्रभाव पड़ते हैं । इससे आपके बढ़ते वजन पर भी कण्ट्रोल होता है और माँसपेशियों की टोनिंग भी होती है । अगर आपको हर समय सुस्ती सी छाई रहती है तो तो आप रस्सी कूदने को अपना नियमित व्यायाम बना सकते हैं क्योकि इससे शरीर में खून का प्रवाह बढ़ता है और आप चुस्त महसूस करते हैं । यह शरीर के अंगों में सुडौलता लाता है और आपका शरीर का सन्तुलन भी बेहतर होता है । यह शरीर के सभी अंगों जैसे कि जांघों, पिंडलियों, पेट आदि की माँसपेशियों के साथ साथ हाथों के लिये भी एक बहुत अच्छा व्यायाम है । सबसे अच्छी बात यह है कि इस व्यायाम को सीखने के लिये आपको किसी खास प्रशिक्षण की भी आवश्यक्ता नही होती है ।

रोप स्कीपिंग के 20 अविश्वसनीय फायदे

रोप स्किपिंग, यानी रस्सी कूदने के बारे में आपने सुना तो बहुत होगा कि यह वजन घटाने के लिए बहुत बेहतर व्यायाम है। इसके बाद आपने मन भी बना लिया होगा कि बस कल ही स्किपिंग  रोप खरीद कर लाएंगे और शुरू परसों से शुरू कर देंगे, लेकिन न तो अभी तक रोप आई है और न ही आप शुरुआत कर पाएं हैं। यदि आप भी कुछ इसी तरह से इस महत्वपूर्ण व्यायम को टालते जा रहें हैं, तो शायद आप इस व्यायम के उन आश्चर्यजनक फायदों से अवगत नहीं हैं, जो आपको हो सकते हैं।

दरअसल रस्सी कूदने को हम वजन घटाने के लिए बहुत कारगर मानते हैं, और यह सही भी है, लेकिन रोप स्किपिंग वजन घटाने के साथ-साथ शरीर को और अद्भुत फायदे देती है। दरअसल रोप स्किपिंग इतनी फायदेमंद है कि आपके पूरे शरीर पर एक साथ काम करती है, शरीर पर जमी चर्बी को बहुत तेजी से घटाने में मदद करती है।

रस्सी कूदने के फायदे

  • शरीर की चर्बी और कैलोरी को कम कर शरीर को छरहरा और मजबूत बनाता है। पूरे शरीर पर एक साथ काम करता है और शरीर को सही आकार देती है।
  • मांसपेशियों को टोन करता है।
  • स्टेमिना बूस्ट करता है।
  • हृदय को मजबूत बनाता है, हृदय बेहतर तरीके से कार्य करना शुरू कर देता है। इससे हृदय समेत पूरे शरीर को ताज़ी ऑक्सीजन और रक्त मिलता है, जिससे शरीर रोगों से बचने के साथ-साथ त्वचा में कांति (चमक) आती है।
  • शरीर से पसीना निकलता है, तो शरीर से हानिकारक तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। इससे शरीर और चेहरा दमक उठता है।
  • कंधे और भुजाएं मजबूत बनती हैं।
  • शरीर के नीचले हिस्से की अतिरिक्त चर्बी के लिए सबसे बेहतर व्यायाम है।
  • घुटनों और एड़ियों के लिए भी फायदेमंद।
  • मस्तिष्क को दुरुस्त कर तनाव कम करता है|
  • फेंफड़ों को मजबूत बनाती  है।
  • शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता में सुधार आता है।
  • पूरे शरीर का व्यायाम एक साथ हो जाता है।

रस्सी कूदने के समय इन 9 बातों का रखें ध्यान :-

1 :- रस्सी कूदने की शुरुआत करते समय सबसे पहले आपको अच्छी रस्सी के चुनाव का ध्यान रखना चाहिये । अगर रस्सी कमजोर होगी तो कूदते समय वह टूट सकती है और आपको चोट लग सकती है । आजकल बाजार में अच्छी क्वालिटी की रस्सियॉ जो सिर्फ कूदने के लिये ही बनाई जाती है आसानी से उप्लब्ध हो जाती हैं ।
2 :- रस्सी कूदने के समय ये दुविधा सामने आती है कि रस्सी नंगे पैर कूदें या फिर स्पोर्टस शूज़ पहन कर । माना ये जाता है कि रस्सी कूदने के लिये सबसे अच्छी जगह घास का समतल मैदान होता है जिसमें नंगे पैर रस्सी कूदनी चाहिये । यदि आपको अपने आस पास कोई इस तरह की जगह नही मिलती और आप अपने घर की छत आदि पर रस्सी कूदने का व्यायाम करना चाहते हो तो ध्यान रखें कि पक्के फर्श पर जूते पहन कर ही रस्सी कूदनी चाहिये ।
3 :- रस्सी कूदने के लिये यह सच है कि कोई भी रस्सी कूदने की शुरूआत कर सकता है और इसके लिये किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यक्ता नही होती है लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें की शुरूआत में ज्यादा समय तक रस्सी ना कूदें । केवल तब तक ही रस्सी कूदने का अभ्यास करें जब तक आप नाक से साँस ले पा रहे हैं । रस्सी कूदते कूदते जब आप मुँह से साँस लेने लगें या आपके दाँत भिंचने लगें तब रस्सी कूदना बंद कर देना चाहिये ।
4 :- बिना आदत के ज्यादा देर तक रस्सी कूदने से हृदय, शरीर के जोड़ों और पैरों की माँसपेशियों को नुक्सान पहुँच सकता है । सिर्फ रस्सी कूदना ही नही किसी भी तरह का व्यायाम शुरुआत में अचानक ज्यादा समय नही करना चाहिये, क्योंकि शरीर को उसकी आदत नही होती है । धीरे धीरे अभ्यास से ही आपका स्टेमिना बढ़ता है ।
5 :- रस्सी कूदने का स्थान समतल होना चाहिये । अगर आप मैदान में नंगे पैर रस्सी कूद रहे हैं तो ध्यान रखें कि कूदने की जगह पर पैरों के नीचे कोई कंकड़, पत्थर का टुकड़ा ना पड़ा हो वो अचानक से पैर में चुभ कर आपको चोटिल कर सकता है ।
6 :- रस्सी कूदने से पहले बंद जगह पर इतना ध्यान जरूर रखें की छत की ऊँचाई पर्याप्त हो जिससे कि ऊपर जाते समय रस्सी छत अथवा पंखे में ना टकराये । यह आपके व्यायाम की गतिशीलता को प्रभावित करेगा ।
7 :- माताओं बहनों को रस्सी कूदने से पहले वक्षों पर अच्छी क्वालिटी के अधोःवस्त्र जरूर पहनने चाहिये क्योंकि रस्सी कूदते समय महिलाओं को शरीर के उस हिस्से पर ज्यादा हरकत होती है और उचित वस्त्र ना होने के कारण माँसपेशियों में दर्द अथवा चोट की समस्या हो सकती है ।
8 :- रस्सी कूदने में बहुत ज्यादा ऊर्जा लगती है अतः रस्सी कूदना शुरु करने से पहले थोड़ा सा वॉर्मअप जरूर करें । वॉर्मअप के लिये थोड़ी स्ट्रेचिंग और एक ही जगह पर खड़े होकर जॉगिंग भी कर सकते हैं ।
9 :- इसके अतिरिक्त आप तेज कदमों से चलने का अभ्यास भी कर सकते हैं । रस्सी कूदते समय अगर पेट खाली हो अथवा ज्यादा भरा हुआ ना हो तो यह बहुत अच्छा रहता है । सुबह को शौच जाने के बाद ही आप रस्सी को कूदें ।
रस्सी कूदने का व्यायाम हमारी समझ में पूरी तरह से हानिरहित है फिर भी आपके चिकित्सक के परामर्श के बाद ही रस्सी कूदने की शुरुआत करने की हम आपको सलाह देते हैं । ध्यान रखें कि आपका चिकित्सक ही आपके स्वास्थय को सबसे बेहतर समझता है और उसके परामर्श का कोई विकल्प नही होता है ।

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3 comments:

  1. Replies
    1. जी बिल्कुल इसमे कोई समस्या नही है मैं खुद शाम के समय ही करता हूँ।

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