Monday, August 28, 2017

घरेलू उपाय: बढ़ती उम्र में जवान रखने की आयुर्वेदिक दवाई

लोग जवान बने रहने के लिए कई तरह के कॉस्मेटिक्स का उपयोग करते हैं। लेकिन कॉस्मेटिक्स त्वचा को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाते हैं जिसके कारण समय से पहले ही अधिक उम्र दिखाई देने लगती है दरअसल उम्र पर असली असर खान-पान का पड़ता है कास्मेटिक्स का नहीं। इसीलिए हमेशा जवान बने रहने के लिए जवानी को फिर पाने के लिए या हमेशा जवान बने रहने के लिए आयुर्वेद में अनेक जड़ीबूटियों के नाम हैं जिनसे बुढ़ापा दूर रहता है।


- ऐन्द्री, ब्राह्मी, आरकाकोली, क्षारपुष्पी, मण्डी, महामुण्डी, शतावरी, विदारीकंद, जीवन्ती, पुनर्नवा, नागबला, शालपर्णी, वचा, छत्रा अतिछत्रा, मेदा, महामेदा और जीवनीय द्रव्यों को दूध के साथ छ: महीने तक सेवन करने से उम्र लंबी होती है और बुढ़ापे के रोग शरीर से दूर रहते हैं। 
- वृद्धों को शक्ति वर्धक चीजें जैसे बादाम किशमिश, सेब, अमरूद, केला, टमाटर लौंग, मुनक्का, आवंला, संतरा, छुआरे, खजूर, अंजीर, अखरोट, घी, दूध, आदि का यथासंभव सेवन करना चाहिए। 
-  ऐसा आहार करना चाहिए जो मीठा व रस युक्त हो। सुबह दूध, दिन के खाने में दाल, चौकर युक्त रोटी, गाय के दूध से लें। रात में गाय के दूध का सेवन करें। 
- सुबह खाली पेट हरड़ खाएं। शाम को दूध जरुर पीएं। रोजाना हरड़ लेते रहने से आंवले का प्रयोग करते रहने से, दूध घी लेते रहने से, आंवले
का प्रयोग करते रहने से भी बुढ़ापा सताएगा नहीं और यौवन हमेशा बना रहेगा।
- रोजाना त्रिफला का सेवन मौसम अनुसार आयुर्वेदिक विधि से करें।
- भृंगराजचूर्ण 1 भाग, आमल की चूर्ण आधा भाग, तिल आधा भाग, इन तीनों को मिलाकर इनमें गुड़ मिलाकर इसका सेवन 10 से 12 ग्राम मात्रा में करें। इस आयुर्वेदिक योग का सेवन बूढ़े को भी जवान बना देगा।

No comments:

Post a Comment